On Page SEO Kya Hai | What Is On Page SEO In Hindi

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नमस्कार दोस्तों स्वागत हे आपका आज के इस और एक नए ब्लॉग में आज के इस ब्लॉग में हम जानने वाले है On Page SEO Kya Hai और On Page SEO करके कैसे आप आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते है। हर कोई ब्लॉग या वेबसाइट का मालिक चाहता हे के उसकी वेबसाइट या ब्लॉग गूगल के पहले पेज पर रैंक करे और ढेर सारा ट्रैफिक उसके साइट पर आये। पर सभी के लिए यह चीज़ हासिल करना इतना आसान भी नहीं। अगर आप अच्छे से आपके साइट का SEO करोगे तोआपका गूगल के पहले पेज पर रैंक आना बिलकुल भी मुश्किल नहीं है। 

अगर आप On Page SEO के बारे में जानने से पहले SEO के बारे में जानकारी जानना चाहते हो तो आप हमारे इस ब्लॉग में SEO Kya Hai यह पोस्ट पढ़ सकते हो जिससे आपको SEO के बारे में अच्छी जानकारी मिल जायेगी। 

चलिए दोस्तों अब हम जानते हे On Page SEO के बारे में। 

On Page SEO Kya Hai

On Page SEO यह एक ऐसा प्रोसेस या प्रैक्टिस हे जिसमे आपको आपके वेब पेजेस में चेंजेस करने पड़ते है यानी आपके खुदके वेबपेजेस का अच्छे से SEO करना पड़ता है। अगर आपका On Page SEO बेहतर होगा तो आप आपके वेबसाइट या ब्लॉग को गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन के पहले पेज पर रैंक करा सकते हो। और आपके ब्लॉग का ट्रैफिक भारी मात्रा में बड़ा सकते हो। 

किसी भी वेबसाइट का सही तरीके से On Page SEO करने के लिए आपको बोहत सारि चीजों पर ध्यान देना होता है। जैसे के वेबसाइट का User Interface यानि किसी भी यूजर को आपकी वेबसाइट कैसे दिखेगी। आपकी वेबसाइट हमेशा डेस्कटॉप कंप्यूटर और मोबाइल में भी अच्छी ही दिखनी चहिए और रेस्पॉन्सिव भी होनी चहिए। क्योंकि जब किसी भी यूजर को आपकी वेबसाइट अच्छे से दिखाई देगी तब ही वह यूजर आपकी वेबसाइट पर वक्त बिताएगा। उसके बाद आपके वेबसाइट की स्पीड भी अच्छी होनी चहिए। और आपके वेबसाइट में जो भी कंटेंट हे वो अच्छे से ऑप्टिमाइज़ होना चहिए। और ऐसी भी बोहत सारी चीजे हे जिनके बारे में हम आगे चल कर बात करेंगे। 

वैसे तो SEO को ३ प्रकार होते है On Page, Off Page और Technical SEO. और वेबसाइट को रैंक कराने के लिए आपका इन तीन्हो तरह का SEO अच्छा होना बोहत जरुरी है। जब आप इन तीन्हो चीजों को अच्छे से ऑप्टिमाइज़ करेंगे तब ही आपकी वेबसाइट अच्छे से रैंक करेगी।

On Page SEO करने के लिए हमे गूगल के Algorithm को नजरिये में रखते हुए कंटेंट बनाना पड़ता है। क्युकी गूगल का Algorithm अच्छे क्वालिटी वाले और यूनिक कंटेंट को ही रैंक करता है। अगर आपके पास अच्छा कंटेंट हे और उस कंटेंट से किसी भी यूजर को उसके प्रॉब्लम का समाधान मिलता है। तो ही गूगल के नजर में आपका कंटेंट अच्छा क्वालिटी कंटेंट साबित होता है। अगर आपका कंटेंट अच्छा हे तो कोई भी यूजर ज्यादा तर समय तक आपके साइट पर रहता है। और अगर कोई यूजर ज्यादा तर समय आपके साइट पर बिताता है तो इससे गूगल के पास अच्छा सिग्नल जाता है। और गूगल आपके कंटेंट को अच्छे से रैंक भी करता है। 

अगर आप ऐसा कंटेंट डालोगे जिसे देख कर कोई यूजर आपकी वेबसाइट छोड़ कर चला जाए तो फिर गूगल को लगता है। आपका कंटेंट रेलेवेंट नहीं है और आपके कंटेंट को रैंक कराकर कोई फायदा नहीं है। इससे आपका Bounce Rate बढ़ जाएगा। Bounce Rate यानि जब कोई भी यूजर आपके कंटेंट का टाइटल या फीचर इमेज देख कर आपके पोस्ट पर आता हे और पोस्ट ओपन होने के बाद अगर उसे कुछ दूसरा ही कंटेंट मिल जाए या कंटेंट की क्वालिटी इतनी अच्छी ना हो तो वह यूजर तुरंत ही आपकी वेबसाइट को छोड़कर चला जाता है। आपके वेबसाइट का Bounce Rate हमेशा कम ही होना चहिए। अगर आपका Bounce Rate बढ़ते रहा तो गूगल आपकी रैंकिंग ख़राब कर देगा। इसीलिए हमेश आपको एक अच्छा क्वालिटी और यूनिक कंटेंट पर ही फोकस करना है। 

On Page SEO VS Off Page SEO In Hindi

ON PAGE SEOOFF PAGE SEO
ऑन पेज एसईओ में कंटेंट के ऊपर फोकस किया जाता है, जैसे के इसमें आपको कंटेंट के लिए सही कीवर्ड चुननी होती है, और कीवर्ड्स का कंटेंट में सही जगह पर इस्तेमाल करना होता है।ऑफ पेज एसईओ में पूरा फोकस लिंक बिल्डिंग पर किया जाता है। अच्छा ऑफ पेज एसईओ करने के लिए अच्छे डोमेन से बैकलिंक लेना बोहत ही जरुरी होता है।
ऑन पेज एसईओ में वेबसाइट को पूरी तरह analyse किया जाता है।ऑफ पेज एसईओ में अपनी वेबसाइट को बाहरी वेबसाइट द्वारा प्रमोट किया जाता है।
ऑन पेज एसईओ में हम इंटरनल लिंकिंग करते है।ऑफ पेज एसईओ में हम डायरेक्ट लिंकिंग करते है।
MOZ के अनुसार वेबसाइट के मालिक को 70 प्रतिशत मेहनत ऑन पेज एसईओ के लिए करनी पड़ती है।और MOZ के अनुसार वेबसाइट के मालिक को बचे हुए ३० प्रतिशत मेहनत ऑफ पेज एसईओ के लिए करनी पड़ती है।
ऑन पेज एसईओ के लिए इन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
* अच्छे क्वालिटी का कंटेंट।
* पेज टाइटल और डिस्क्रिप्शन का ऑप्टिमाइजेशन।
* पेज कंटेंट का ऑप्टिमाइजेशन।
* URL ऑप्टिमाइजेशन।
* इंटरनल लिंकिंग
* एक्सटर्नल लिंकिंग
ऑन पेज एसईओ के लिए इन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
* इन्फ्लुएंसर आउटरीच।
* आर्टिकल सबमिशन।
* सोशल बुकमार्किंग।
* डायरेक्टरी सबमिशन।
* सोशल मीडिया शेयरिंग।
* गेस्ट पोस्टिंग।

On Page SEO Checklist In Hindi

Post Title

आप जो भी कंटेंट लिख रहे हो और जिस कीवर्ड पर आप रैंक करना चाहते हो उस कीवर्ड का उपयोग आपको आपके टाइटल में करना है। आपके पोस्ट का टाइटल डिफाइन करता हे आप किस चीज़ के बारे में कंटेंट लिख रहे हो। आप टाइटल में जो कीवर्ड डाल रहे हो, बिलकुल उसी से संबधित कंटेंट आपके पोस्ट में होना चहिए। अगर आप कीवर्ड्स पर रैंक करने के चक्कर में कोई भी कीवर्ड आपके टाइटल में डालोगे तो इससे आपकी रैंकिंग और ख़राब हो जायेगी। आपको आपके टाइटल में modifiers का सही से इस्तेम्मल करना होगा। modifiers यानि Buy, Online, Cheap, Top 10 जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे शब्दों के साथ कंटेंट बोहत सारे लोग सर्च करते है।

Post URL

आप जो भी कंटेंट लिख रहे हो उसको आप url में डिफाइन करोगे तो यह SEO के हिसाब से एक अच्छी प्रैक्टिस होगी। जब गूगल के रिजल्ट पेज में आपका कंटेंट आता है तब आपके पोस्ट का Title, URL, और Description रिजल्ट पेज में शो होती है। इससे किसी भी यूजर को पहिले ही आईडिया लग जाती है के आपका कंटेंट किस चीज के बारे में होगा। पोस्ट का url जितना छोटा और सिंपल होता है उतना ही  रैंकिंग के लिए यह अच्छा होता है। आप आपके url का length ५ words से छोटा ही रखिये। क्युकी जब कोई भी url ज्यादा बड़ी होती है वह url सर्च इंजन के रिजल्ट पेज में बिच से ही कट हो जाती है। टाइटल और डिस्क्रिप्शन के लिए भी यह बात बिलकुल सेम होती है। 

Post Description

पोस्ट डिस्क्रिप्शन में आपको आपके पोस्ट को बोहत कम शब्दों में डिफाइन करना होता है। आपको डिस्क्रिप्शन में आपके प्राइमरी कीवर्ड का इस्तेमाल करना जरुरी होता है। जब सर्च इंजन रिजल्ट पेज में आपका पोस्ट शो होता है, तब आपका टाइटल, यूआरएल और डिस्क्रिप्शन यह ३ चीजे आपके पोस्ट को डिफाइन करती हे इसी लिए इन तीनो चीजों में प्राइमरी कीवर्ड होना बोहत ही जरुरी होता है। इसी के साथ डिस्क्रिप्शन में Call To Action डालकर आपके पोस्ट्स का Click Through Rate (CTR) बड़ा सकते हो।  

Optimize Images

आप आपके पोस्ट में जितने भी इमेजेस डालोगे वो सभी इमेजेस अच्छे से ऑप्टिमाइज़ होने चहिए। इमेज को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए सबसे पहले इमेज को काम से काम साइज का बनाना है और उसकी क्वालिटी भी अच्छी होनी चाहिए। अगर इमेज की साइज ज्यादा होगी तो फिर इमेज को लोड होने में टाइम लगेगा। इसीलिए इमेज की साइज हमेशा जीतनी कम हो सके उतनी कम करनी है। हम अपने डिवाइससे जो इमेज अपने ब्लॉग में अपलोड करने वाले है उस इमेज को डिवाइस में जब इमेज सेव करते है तब उसे Alt Text देना बेहद ही जरुरी है। ऑल्ट टेक्स्ट में हमेशा वह इमेज जिस कंटेंट में हम डालने वाले हे उसका कीवर्ड डालना जरुरी है। और वह इमेज भी कंटेंट से मिलती झूलती होनी चहिए।

Add Schema Markup

दोस्तों उम्मीद करता हूँ On page seo kya hai यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी। इस पोस्ट से आपको क्या सिखने मिला वह कमेंट करके हमें जरूर बताइये। ताकि हमें क्लियर हो जाए इस पोस्ट से कितने लोगो को मदत मिल रही है। अगर आपके लिए यह पोस्ट मदतगार साबित हुई हे तो इसे और लोगो के साथ भी शेयर कीजिये।

Use Internal Links

जब कभी आप आपके ब्लॉग में कोई भी पोस्ट डालोगे। तब उस पोस्ट में आपके ही वेबसाइट के और दूसरे किसी भी आर्टिकल का लिंक आप उस पोस्ट में डालिये। और इसी तरह आपको अपनी वेबसाइट में ज्यादा से ज्यादा इंटरनल लिंकिंग करनी है। इससे आपके वेबसाइट के हर एक पेजेस गूगल में इंडेक्स हो जाएंगी। और इससे आपके वेबसाइट का बाउंस रेट भी कम हो सकता है।

दोस्तों कैसे लगी आपको ये जानकारी। उम्मीद करता हूँ आपको On Page SEO Kya Hai यह अच्छे से समज में आगया होगा।आपका इस पोस्ट के बारे में क्या कहना है। कमेंट करके बताइये।

FAQ
On Page SEO Techniques क्या है ?

On Page SEO यानि की आपके वेबसाइट के वेबपेजेस पर आपका 100% कंट्रोल होता है। On Page SEO के कुछ उदहारण :- Post Title, Post Description, Post URL, Image Alt Tags, और Structured Data. यह सारी ऐसी चीजे हे जो 100% आप ही कण्ट्रोल में होती है।

On Page SEO Factors क्या है ?

On Page SEO के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा वह कीवर्ड का इस्तेम्मल करना होता हे जिसके ऊपर आपका कंटेंट हे और आप जिस चीज के लिए रैंक करना चाहते हो। इसके लिए आपको कीवर्ड को Meta Title, Meta Description, और URL में यूज करना होता है। इसके बावजूद आपका कंटेंट यूनिक होना चाहिए, Images अच्छे से ऑप्टिमाइज़ होनी चाहिए, कंटेंट की लेंथ बड़ी होनी चाहिए और सही जगह पर Canonical Tags होने चहिए।

Akash

में पिछले २ सालो से Search Engine Optimization (SEO) का जॉब कर रहा हूँ। और साथ ही में पार्ट टाइम WordPress Development और ब्लॉग्गिंग भी करता हूँ।

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